بِسْمِ ٱللَّٰهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से

जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है

समीर

&

अलीना

17 · नवंबर · 2026
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“और हमने तुम्हें जोड़ों में पैदा किया।”

क़ुरआन 78:8

मरहूम हाजी इस्माईल अहमद की दुआओं के साथ, हम आपको मय अहल-ओ-अयाल दिली दावत देते हैं

बड़े अदब और मोहब्बत के साथ
वलीमे की दावत

समीर अहमद

मरहूम हाजी इस्माईल अहमदके पोतेहाजी शहज़ाद अहमद व शाहिदाके साहबज़ादे

अलीना मिर्ज़ा

हाजी नूर हसनकी पोतीशहज़ाद मिर्ज़ा व शहीनाकी साहबज़ादी

तारीख़ याद रखें

आपके लिए एक छोटा-सा राज़

अपनी उंगली से दिल को खुरचें और देखें वो दिन, जिसका हमें बेसब्री से इंतज़ार है।

मंगलवार
17 नवंबर2026
दावत-ए-वलीमा · रात 8 बजे से
00दिन
00घंटे
00मिनट
00सेकंड
आप हमारे ख़ास मेहमान हैं
دعوتِ ولیمہ

दावत-ए-वलीमा

मोहब्बत और ख़ुशियों से भरी इस शाम में तशरीफ़ लाकर हमारी ख़ुशी में शरीक हों।

तारीख़मंगलवार, 17 नवंबर 2026
वक़्तरात 8:00 बजे से
मुक़ामएम एस फ़ार्म्स, करनाल रोड,
शामली 247776
आमद की इत्तिला

अपनी आमद से ज़रूर आगाह करें

हाजी शहज़ाददूल्हे के वालिद+91 9837111973
मोहम्मद शारिकदूल्हे के बड़े भाई+91 9837665613
मोहम्मद गुलसेर
मुंतज़िर

शेज़ू
सारा हयात

दुआओं और मोहब्बत के साथ,
अहमद व मिर्ज़ा ख़ानदान